हिमाचल में 19 नई पनबिजली परियोजनाओं को मिली रफ्तार, 3,336 करोड़ रुपये का होगा निवेश
- By Gaurav --
- Tuesday, 23 Jun, 2026
Himachal Signs Agreements for 19
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की ऊर्जा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2026 में 19 नई पनबिजली परियोजनाओं के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं की कुल उत्पादन क्षमता 278 मेगावाट होगी और इनमें लगभग 3,336 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, स्वीकृत परियोजनाओं में सोयल दशाल (9 मेगावाट), खौली-दो (6 मेगावाट), ग्रामंग (9 मेगावाट), उमली (10 मेगावाट), भरमौर स्टेज-एक (24 मेगावाट), भरमौर स्टेज-दो (21 मेगावाट), हरसर स्टेज-दो (22.5 मेगावाट), हरसर स्टेज-तीन (19 मेगावाट), टुंडा स्टेज-दो (24 मेगावाट), जंगलिक (18 मेगावाट) और रूपिन स्टेज-दो (15 मेगावाट) सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा डुनाली-एक और दो (17 मेगावाट), जारी (12 मेगावाट), तोरल कुंडली (18 मेगावाट), टुंडन (15 मेगावाट), कोट डोगरी (10 मेगावाट), अपर कुर्मी (8 मेगावाट), कलाल खोल (11 मेगावाट) और मेलन (9.6 मेगावाट) पनबिजली परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 15 पनबिजली परियोजनाओं का आवंटन रद्द कर दिया गया है, क्योंकि संबंधित डेवलपर्स द्वारा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने में पर्याप्त रुचि नहीं दिखाई गई। अब इन परियोजनाओं के शीघ्र विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बोलियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की विशाल पनबिजली क्षमता का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से न केवल ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही हिमाचल प्रदेश को देश के प्रमुख हरित ऊर्जा उत्पादक राज्यों में और मजबूत पहचान मिलेगी।